•  
  •  

Latest Photos

Joy is the nectar of the Spirit

श्री माताजी की पावन उपस्थिति में 'मातृ-दिवस' मनाया गया
Sunday, 10 May 2009

आज १० मईरविवार के दिन श्री माताजी की पावन उपस्थिति में योगियों को 'मातृ-दिवसमनाने 

का सौभाग्यमिला

पलाज्जो डोरिया में आँगन को मंडप और गालिचों से सुंदर तरीके से सजाया गया था। करीबन १५०-२०० 

सहजयोगीदोपहर में वहाँ 'मातृ-दिवसमनाने के लिए इकठ्ठा हुए थे

दोपहर में श्री माताजी ने पूजा में उपस्थित रहकर सबको आशिर्वादित करने की स्वीकृति दी। उन्होंने 

फूलों केडिजाईन वाली साडी और बेंगनी रंग की शाल पहनी हुई थी। जैसे ही श्री माताजी का सेतु पर आगमन 

हुआ "स्वागतआगतके स्वर कबेला की पहाडियों में गूंजने लगे

श्री माताजी का पूजा टेंट में स्वागत किया गया और उनके श्री चरणों पर आरती की गई। सारे योगी भजन 

गा रहे थेऔर उसी वक्त श्री माताजी को भेंट वस्तुएं दी जा रही थी। USA की सामूहिकता की तरफ़ से श्री माँ 

को चमड़े कीसफ़ेद रंग की पर्स और कुछ चांदी के लक्ष्मी सिक्के दिए गए। साथ ही में कानाजोहरी और 

धरमशाला स्कूल की तरफ़से अलग से ग्रीटिंग कार्ड भी दिए गए। 

'आवाज़  उठाएंगे', 'आदि माया अम्बाबाई', ' माता का करमयह भजन भी गाये गए और बहुत सारे फूल एवम् इटलीके अप्रतिम कलात्मक चीजें 

भेंट के स्वरुप में समर्पित की गई

एक ठीक समय पर युवा शक्तियों की तरफ़ से एक कविता श्री माताजी की स्तुति में प्रस्तुत की गई। 


उसका अनुवाद कुछ इस प्रकार हो सकता है :


"माँ आप अनंत अनुग्रह के महारानी हैं

माँ आप के चेहरे से आशीर्वादों के किरण फैलते हैं

माँ आप के गर्जन से सारे राक्षस नष्ट होते हैं

माँ आप का वर्णन किसी शब्द में नही हो सकता

माँ सारे देवी-देवता आप ही से बंधे हैं

माँ आप ही ने बनाये हुए इस ब्रम्हांड के आप सम्राज्ञी हैं

माँ आप वह गुलाब हैं जो कभी ना मुरझाये

माँ यह सारा ब्रम्हांड आपकी खूबसूरती का प्रतिबिम्ब हैं

दैवी माँ यह ब्रम्हांड आपका सुनहरा आसन हैं

माँ आपकी महिमा को जानना हमारा कर्तव्य हैं

माँ आपके चरण-कमलों में हम नतमस्तक होते हैं.."


पुरी पूजा के दौरान श्री माताजी अनिरंतर स्मित हास्य करते हुए सब बच्चों पर प्रेम की बौछार कर रहे 

थे। भजनसमाप्त होने के बाद विश्व सामूहिकता की तरफ़ से इटालियन और अंग्रेजी भाषा में एक प्रार्थना 

समर्पित की गई। सबसहजी ढेर सारी खुशियाँ पाकर तृप्त हो गए थे!

श्री माताजी के वहाँ से प्रस्थान के बादसितार और तबला वादन का सुंदर प्रदर्शन किया गया। सारे योगीजन

ध्यानमें मगन थे और बच्चे खेलने का आनंद उठा रहे थे। ऐसे लग रहा था जैसे सारी सामूहिकता श्री माँ के

प्रेम में लिप्तहो गई थी! 'मातृ-दिवस' के दिन परम पूज्यनीय श्री माँ के दर्शन और आर्शीवाद पाने से बड़ा सौभाग्य और क्या होसकता हैं?

प्रेमदायिनी माँ आपने आज के शुभ अवसर पर हमें आपके चरण-कमलों में पूजा समर्पित करने का 

परम-सौभाग्यप्रदान किया इसलिए हम सब आपके बहुत ऋणी हैं। श्री माँ आपको कोटि कोटि प्रणाम!

जय श्री माताजी!!

Comments
Add New
+/-
Write comment
Name:
Email:
 
Country:
 
Please input the anti-spam code that you can read in the image.

!joomlacomment 4.0 Copyright (C) 2009 Compojoom.com . All rights reserved."

 

News Updates

Local Time

Cabella

Login

Login to view Sahaja Calender