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Joy is the nectar of the Spirit

श्री माताजी की साक्षात उपस्थिति में गुरु पूजा काबला में हुई
Sunday, 05 July 2009
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गुरू पूजा का पावन दिवस और १३०० सहजी पूजास्थल कबेला हैंगर में भजन गायन व ध्यान मुद्रा में लीन अपराह्न से आदिशक्ती श्रीमाता जी के आगमन की प्रतीक्षा में हैं । आज के शुभ दिन हैंगर की साज सज्जा की छटा निराली है।

मंच और उसके पार्श्व को सैंकड़ों पुष्प व पत्रावली हरियाली से आच्छादित कर प्रकृती की गोद में,किसी वन में, गुरू आश्रम ही लग रहा था। और इसके रहते, उधर मेज़बान देशों से आयीं लक्ष्मी स्वरुप योगिनियाँ, बहु भांति से सुसज्जित ‘ लक्ष्मी बास्केट ‘ आज के दिव्य अवसर पर अपनी परम पूज्य गुरू माता – श्री माता जी के श्री चरणों में भेंट करने तैयार कर रही थीं |

पूजास्थल हैंगर में प्रतीक्षारत अपने बच्चों को अ!शीर्वादित करने अपने दिव्य आगमन का निर्णय लेने से पूर्व श्री माताजी ने इन अनेकों ‘ लक्ष्मी बास्केट ‘ में रखी भेंट सामग्री को आशीर्वाद स्वरुप सराहा। श्री माता जी के बच्चे उत्कंठा से प्रतीक्षारत थे।  

स्थानीय इटालियन समयानुसार सांयकाल ८.०० बजे पूजास्थल हैंगर में श्री माता जी का आगमन हुआ। स्वागत आगत ….. गीत से सहजियों ने श्री माताजी का स्वागत किया। तत्पश्चात अविलम्ब पूजा आरंभ हुई । छोटे बच्चों ने पुष्प पंखुडियाँ श्री चरणों में अर्पित कीं । श्री गणेश मंत्र व श्री गणेश अथर्वशीर्ष का मंगल गान हुआ। इसके चलते मेज़बान देशों की योगिनियों ने मंच पर आ कर पूजा उपचार्वत देवी का व पुनः गुरू माता का श्रृंगार किया। गायक - वृन्द पूजा के दौरान भजन गाते रहे । पूजा समापन आरती से हुआ। और हमारी माँ , श्री माता जी, प्रसन्नमुद्रा लीन , अपने बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहती थीं । मेज़बान देशों की सामूहिक भेंट के पश्चात् व्यक्तिगत रूप से सहजी पुष्प गुच्छ व भेंट आदि श्री चरणों में अर्पित करने पहुंचे। ऐसा इस पावन दिवस पर दो घंटे का यह स्वर्गिक आनंदोत्सव वह भी अपनी पावन माँ की साक्षात उपस्थिती में!!

श्री माताजी आपके श्री चरणों में अर्पित यह गुरू पूजा स्वीकारने हेतु ,सहज योग विश्व समुदाय की ओर से धन्यवाद! आपके श्री चरणों में अर्पित हमारी प्रार्थना, प्रणाम और समर्पण स्वीकार हों। बारम्बार है धन्यवाद हमारे प्रति आपके प्रेम व धैर्य के लिये धन्यवाद है ! आपके चित्त के लिये जो हम पर सदैव बना रहता है , निरन्तर। मानव मात्र की उत्क्रांति के लिये,आपके यह दैदीप्यमान बच्चे आपसे आशीर्वादित हों आपका सहज संदेश पहुँचाने में सक्षम हों।

आपका करुणामय चित्त और आशीर्वाद आपके हर बच्चे को , सहज गुरू में परिवर्तित होने हेतु, गुरू पद पर आसीन करे।

आमीन

जय श्री माता जी 

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